पटना: बिहार सरकार ने बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता देते हुए इलाज की तस्वीर बदलने का संकेत दिया है। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए जिला अस्पतालों को सुपर-स्पेशलिटी स्तर तक विकसित करने का ऐलान किया। इसके साथ ही राजधानी पटना में IGIMS और PMCH को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले वर्ल्ड-क्लास हॉस्पिटल के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस बार बजट में 21 हजार 270 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों या दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। इसी सोच के तहत जिला स्तर पर ही कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, किडनी और अन्य जटिल बीमारियों के इलाज की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बजट भाषण में सरकार ने यह भी दावा किया कि SRS-2023 के आंकड़ों के अनुसार बिहार में मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर अब राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। सरकार का मानना है कि बीते वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थागत इलाज पर किए गए निवेश का असर अब आंकड़ों में भी दिखने लगा है।
राजधानी पटना की बात करें तो IGIMS और PMCH में 1100 बेड के दो नए टावरों का निर्माण कार्य जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दोनों संस्थान आधुनिक मशीनों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और बेहतर सुविधाओं के साथ वर्ल्ड-क्लास अस्पताल के रूप में उभरेंगे। इसका सीधा लाभ न सिर्फ पटना, बल्कि पूरे बिहार और आसपास के राज्यों के मरीजों को मिलेगा।
जिलों में भी बड़े स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। नवगछिया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा समेत कई जिलों में नए सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज-अस्पताल तैयार हो रहे हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र की भागीदारी से PPP मॉडल पर कैंसर, हृदय और अन्य सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना की जा रही है, ताकि अत्याधुनिक इलाज गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को भी सस्ती दर पर उपलब्ध हो सके।
बजट में स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं को भी मजबूती दी गई है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करीब 1.7 करोड़ से अधिक परिवारों के हेल्थ कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन कार्डों के जरिए हर परिवार को सालाना चार लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा दी जा रही है। इसके साथ ही बच्चों के हृदय रोग, थैलसीमिया और दुर्लभ बीमारियों के मुफ्त इलाज से जुड़ी विशेष योजनाओं को जारी रखने की घोषणा की गई है, जिससे हजारों गंभीर रूप से बीमार बच्चों को राहत मिल रही है।
कई जिलों में 100 से 400 बिस्तरों वाले नए अस्पतालों और PPP मोड पर विशेष कैंसर व कार्डियो हॉस्पिटल की योजनाएं भी इसी बजट का हिस्सा हैं। कुल मिलाकर बजट 2026-27 यह संकेत देता है कि बिहार सरकार स्वास्थ्य को सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं रखकर एक मजबूत और आधुनिक व्यवस्था के रूप में विकसित करना चाहती है, जहां जिला स्तर से लेकर राजधानी तक बेहतर, सुलभ और भरोसेमंद इलाज उपलब्ध